रामपुर। बुधवार की शाम लगभग 8 बजे रामपुर प्रखंड के बेलाव थाना क्षेत्र के भाैरेया गांव से 100 मीटर उत्तर में बेलाव से मुर्गा दुकान बंद कर बाइक से घर आने के दौरान बारिश के साथ तेज कड़क आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। जिसके बाद गांव में कोहराम मच गया और परिजनो का रो रोकर बुरा हाल हो गया।
गुरुवार की सुबह भभुआ सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया। मृतक की पहचान बेलाव थाना क्षेत्र के भोरेयां गांव के नूरे आलम शेख के 35 वर्षीय पुत्र मैनुद्दीन शेख के रूप में हुई है। मृतक के छोटा भाई जहरूद्दीन शेख ने बताया कि मृतक बड़ा भाई मैनुद्दीन शेख बेलाव बाजार में 12 सालों से मुर्गा दुकान चलाते थे। रोज की तरह वह बेलाव स्थित मुर्गा दुकान को बंद कर लगभग 8 बजे बारिश होने के बाद अपने घर बाइक से आ रहे थे।
इसी बीच गांव से उत्तर 100 मीटर टर पहले ही बारिश के साथ आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। जिसके बाद आनन फानन में लोगों द्वारा रामपुर प्राथमिकी स्वास्थ्य ले जाया गया। जहां से डॉक्टर से भभुआ सदर रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल जाते ही बीच रास्ते में मौत हो गई। भभुआ सदर अस्पताल में डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी होने होने पर परिजन सदर अस्पताल रात में पहुंचे।
घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का बुरा हाल हो गया। मृतक के द्वार पर लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की जानकारी बेलाव थाने की पुलिस को दी गई। गुरुवार की सुबह में पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर परिजनो को शव सौंप दिया गया। जिसके परिजनों द्वारा शव को गांव लाया गया और रिश्तेदारों,गांव के लोगों और परिजनों द्वारा जनाजा निकाल कर गांव में ही अंतिम संस्कार दफनाया गया।
मृतक तीन भाई और चार बहनों में थे सबसे बड़ा
परिजनों ने बताया कि मृतक मैनुद्दीन शेख अपने तीन भाई और चार बहनों में सबसे बड़ा था। चार बहनों में एक का शादी हो चुका है। तीन बहनों का नहीं हुआ है। भाईयो में कुतुबद्दीन शेख और जहरुद्दीन शेख और तीन बहन है। पिता नूरे आलम शेख वृद्ध हो चुके है। मृतक ही अपने दो भाईयो,अपना परिवार और माता पिता का खर्च चलाते थे। इनके मौत से परिजन बेहाल है। परिवार पर दुःख का पहाड़ टूट पड़ा है।
चार बच्चों के सिर से उठ गया पिता का साया
परिजनों ने बताया कि मृतक के चार पुत्र है। परिवार पर दुखो का पहाड़ टूट पड़ा है।पिता की मौत से चार बच्चो के सिर से पिता का साया उठ गया है। बच्चे भी छोटे छोटे है। बच्चों में सबसे बड़ा गोलू 8 साल,साहिल 6साल, ताहिद 4 साल और शाहिद 2 साल का शामिल है। पिता की मौत से बच्चें समझ नहीं पा रहे है।अब्बा को क्या हो गया है। हमारे घर में आज इतने लोग क्यों आए हुए है। अब इन बच्चों के पिता के मौत के बाद चाचा को सहारा बनना पड़ेगा।
मुआवजे की मांग
मृतक के छोटा भाई जहरुद्दीन शेख ने बताया कि बड़े भाई की ठनका गिरने से मौत हो गई। आपदा विभाग के तहत सरकार और प्रशासन से मुआवजे दिलाने की मांग की गई है। क्योंकि चार बच्चों की परवरिश कैसे होगी। बड़ा भाई तो मुर्गा दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे।
