रामपुर कैमूर। सोमवार को रामपुर प्रखंड के बहुउदेशिय भवन में पंचायत समिती की समान्य बैठक आयोजित हुई। जिसकी अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख घूरा सिंह यादव व संचालन बीपीआरओ दिव्य शक्ति ने की। इस बैठक में मुख्य अतिथी के रूप में भभुआ विधायक भरत बिन्द पहुंचे।
बैठक की कार्यवाही शुरू होते ही पिछले बैठक में प्रमुख घूरा सिंह यादव ने सवाल उठाया था कि तरंग प्रतियोगिता में बच्चों को भाग लेने के लिए जिला के अन्य प्रखंड के शिक्षा विभाग द्वारा व्यवस्था कर जिला मुख्यालय में ले जाया और वहां से घर लाया गया। लेकिन, इस प्रखंड से ऐसा नहीं किया गया।
इस स्थिती में प्रतिभागी बच्चे अपने किराये से पहुंचे। वहा पहुंचने पर भी किसी के द्वारा बच्चों को कोई व्यवस्था नहीं दिया गया था। बसनी विद्यालय में सड़ा चावल देने, खरेन्दा विद्यालय में समुचित शौचालय नहीं होना, हुडरा कला के एचएम से बच्चों द्वारा कुछ पूछने व कहने पर मारपीट किया जाना सहीत कई सवाल किए गए।
लेकिन, इन सभी पिछले बैठक के सवालों का जवाब बीईओ रत्नेश कुमार सिंह द्वारा गोल मटोल जवाब दिया । कहा गया कि इसका मतलब की आप विद्यालयों का निरिक्षण नियमित नहीं करते है या सम्बंधित शिक्षकों को बचाने में लगे हैं। मनरेगा की मजदूरों को काम नहीं मिलने का सवाल बिडिसी डिग्री पासवान ने उठाया।
बैठक में पीएचसी प्रभारी भाग न लेकर अपने विभागीय कर्मी को भेजा गया था। इस पर सम्बंधित कर्मी से अपने कार्यालय में चले जाने को समिती के अध्यक्ष द्वारा कहा गया। कहा गया की जब पंचायत समिती की बैठक में अधिकारी भाग नहीं लेगें तो कहा लेगें। इस पर विधायक भरत बिंद ने सीएस को फोन कर कहा कि जब आप के अधिकारी इस बैठक में भाग नहीं लिया है। उनसे कह दे भाग लेने के लिए।
इस पर सीएस ने कहा की यह गलत बात है। इसके बाद सीएस के कहने के बाद प्रभारी डॉ राकेश कुमार ने बैठक में भाग लिया। इसके साथ ही प्रभारी सीडीपीओ, सीओ, सिचाई विभाग के अधिकारी, बिजली विभाग के जेई सहीत प्रखंड स्तरीय कई अधिकारी बैठक में भाग नहीं लिया था।
जिस पर एक स्वर में समिती के सदस्यों ने कहा कि जो पदाधिकारी बैठक में भाग नहीं लिया है उसके विरूद्ध विभागीय कारवाई के लिए जिला पदाधिकारी के पास पत्र देने का निर्णय नहीं लिया गया। इसके साथ साथ ही कई योजनाओं पर सवाल जवाब किया गया। बैठक में बीडीसी दुखी मल्लाह, मुखिया अमरेन्द्र पान्डेय, प्रभारी बीडीओ मोहित कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
