कैमूर में रेड अलर्ट के बावजूद भी आंगनबाड़ी केंद्रों में हो रही पढ़ाई, बच्चें हो रहे बीमार, DM अंकल हमारी कब छुट्टी होगी ?

सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की हो चुकी है छुट्टी

परिजन आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को भेजने से कर रहे मना, संख्या हुई कम 

कैमूर में गर्मी और लू को लेकर जारी है रेड अलर्ट 

 रामपुर/कैमूर। बढ़ते तापमान,गर्मी और हिटवेव, लू से बचाव को लेकर आपदा प्रबंधन बिहार सरकार द्वारा बिहार के 18 से अधिक जिलों में अलर्ट जारी किया है। 6 जिलों में रेड अलर्ट में कैमूर जिला भी शामिल है। यहां तक कि पटना में 24 जून तक विद्यालयो और आंगनबाड़ी केंद्र को को बंद कर दिया गया है। कैमूर में गर्मी और लू को लेकर रेड अलर्ट है। 

बच्चो की संख्या हुई कम
इसके बावजूद भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर छोटे छोटे बच्चों का पढ़ाई हो रहा है। जबकि कैमूर में सरकारी और प्राइवेट स्कूल पहले से ही बंद किए जा चुके है। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ़ने वाले बच्चों को गर्मी और लू की चपेट में आ रहे है। गर्मी और लू के कारण आंगनबाड़ी केंद्र पर पढ़ने वाले बच्चे बीमार हो रहे है और उनकी संख्या भी कम होने लगी।


चार बच्चें हो गए बीमार
 रामपुर प्रखंड के सबार आंगनबाड़ी केंद्र फर्स्ट की सेविका गायत्री देवी ने बताया कि सरकारी और प्राइवेट स्कूलों का गर्मी और लू से बचाव को लेकर छुट्टी हो गया है। लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र का इस भीषण गर्मी और लू के बावजूद भी छोटे-छोटे बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों की छुट्टी नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से आंगनबाड़ी केंद्र के 4 बच्चे बीमार हो गए है। गर्मी और लू के कारण बच्चों के अभिभावक केंद्र पर नहीं भेज रहे है। बच्चों की संख्या भी कम हो गई है।
बच्चे बीमार होंगे तो जिम्मेदार कौन ?
 सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र के लिए गर्मी की छुट्टी के कोई ऐलान नहीं हुआ है। 13 जून से 7 से 9 बजे तक आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन हो रहा है। इसके पहले 7:30 से 11:30 बजे तक केंद्रों की पढ़ाई होती थी। लेकिन गर्मी की छुट्टी हो या जाड़ा में ठंड के लिए छुट्टी नहीं होती है। हम कर भी क्या सकते हैं। बच्चे बीमार होते हैं अभिभावकों द्वारा सेविका पर दवाब बनाया जाता है कि छुट्टी नहीं हो रहा है। बच्चे बीमार होंगे इसके जिम्मेदार कौन होगा। सब सेविका को ही बोलते हैं।

पानी की नहीं है व्यस्था
सहायिका ने भी कहा कि आंगनवाड़ी के बच्चों का छुट्टी नहीं होने से बच्चे कम आ रहे हैं और केंद्र पर पानी का भी व्यवस्था नहीं है। जिसे कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बच्चो ने कहा डीएम अंकल छुट्टी करा दीजिए
 आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने वाले राजा बाबू, सृष्टि कुमारी ने बताया कि बड़े-बड़े भैया का स्कूल का छुट्टी हो गया है लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र का छुट्टी नहीं हुआ है। आंगनबाड़ी से घर जाने में लू लगने लगता है तबीयत भी खराब हो जाता है। बच्चों ने डीएम अंकल से कहा है कि अंकल हमें भी गर्मी और लू लगता है, हम छोटे बच्चों को देखते हुए आंगनवाड़ी केंद्र का भी छुट्टी कर दिया जाए।

अभिभावकों का सवाल क्या छोटे बच्चे बीमार नहीं होंगे
अभिभावकों ने बताया कि सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की पहले ही गर्मी का छुट्टी हो गया है। इतना भीषण गर्मी पड़ रहा है फिर भी आंगनबाड़ी केंद्र पर छोटे छोटे बच्चों का पढ़ाई हो रहा है। अगर बच्चे इस लू और गर्मी में बीमार होंगे तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। क्या बड़े बच्चों को गर्मी और लू लगता है और छोटे बच्चों को गर्मी और लू नहीं लगता है। इस तरह का सवाल उठाया और कहा कि सरकार और प्रशासन को सोचना चाहिए सबसे पहले छोटे बच्चो का पढ़ाई बंद की जानी चाहिए।

डीएम क्या कर पाएंगे
 अब देखना यह होगा ही कैमूर जिले में रेड अलर्ट के बाद भी आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों का पढ़ाई ऐसे ही जारी रहेगा या डीएम द्वारा आदेश जारी कर आंगनबाड़ी केंद्र का छुट्टी किया जायेगा।

पदाधिकारी का फोन बंद
इस संबंध में रामपुर की प्रभारी सीडीपीओ और आईसीडीएस डीपीओ के सरकारी नंबर पर फोन जानकारी लेने की कोशिश की गई नंबर स्विच ऑफ था।
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