कैमूर में 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड, मजिस्ट्रेट व 2 महिला सिपाहियों पर प्राथमिकी दर्ज, ट्रक छोड़ने को खाते में डालवाए थे ₹18,000 और 2000 नगद रिश्वत लिए

भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों और कर्मियो पर डीएम और एसपी लेकर एक्शन

भभुआ कैमूर। कैमूर में डीएम सावन कुमार और एसपी ललित मोहन शर्मा द्वारा लगातार भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मियो पर कार्रवाई की जा रही हुई है। एक बार फिर से डीएम और एसपी द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। जिसमें 7 पुलिस कर्मियो को निलंबित कर दिया गया है। जबकि मजिस्ट्रेट और 2 महिला सिपाही पर प्राथमिकी दर्ज हुई है।।यह कार्रवाई बालू लदे ट्रक चालक 
रिश्वत लेने के मामले में की गई है। 

मोहनियां आरा पथ पर कुदरा थाना क्षेत्र के डंगरी चेक पोस्ट पर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात कुदरा प्रखंड के समन्वयक रविंद्र कुमार और 2 महिला सिपाही पर अनु कुमारी और अनीता कुमारी द्वारा ट्रक छोड़ने के लिए 20 हजार घुस चालक से मांगा गया। जिसमें चालक से 18,000 रुपए खाते में और 2000 रुपए नगद लेने के मामले में कुदरा थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई है। जबकि चेकपोस्ट पर ड्यूटी में तैनात 7 पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया है। 
इसकी शिकायत आरा के ट्रक मालिक अजीत कुमार ने डीएम और एसपी को आवेदन देकर की थी। इस मामले में डीएसपी मुख्यालय साकेत कुमार को जांच का जिम्मा सौंपा गया था। जांच में आरोप और मामला  सही पाये जाने के बाद कार्रवाई हुई है। जिसके बाद पुलिस विभाग और प्रशासनिक विभाग के कर्मियो में एक बार फिर से हड़कंप मच गया है।

दरअसल, कैमूर जिले में ओवरलोडेड बालू वाहनों और अवैध बालू लदे वाहनों पर कार्रवाई करने के लिए मोहनियां आरा पथ में कुदरा थाना क्षेत्र के डंगरी में चेक पोस्ट बनाया गया है। जहां एक मजिस्ट्रेट, महिला सिपाही, एक एसआई सहित आधा दर्जन पुलिस जवान तैनात किए गए थे। 13 जून की अहले सुबह आरा से बालू लदा ट्रक मोहनिया की तरफ आ रहे था। 

इसी बीच डंगरी चेकपोस्ट पर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात कुदरा के प्रभारी प्रखंड समन्वयक रविंद्र कुमार ने ट्रक को रोक दिया गया। जिसके बाद ट्रक छोड़ने के लिए 20 हजार रुपए घूस मांगा गया। साथ ही कहा गया नहीं देने पर ट्रक नहीं छोड़ने और विलंब होने पर ट्रक का चालान फेल कर एफआईआर कर ट्रक को भी जब्त कर लिया जाएगा। 

जिसके बाद ट्रक चालक ने मजिस्ट्रेट से कहा कि मेरे पास नगद पैसा नहीं है। मजिस्ट्रेट ने मालिक से पैसा डलवाने के लिए कहा। चालक ने मालिक से बता कराई और मालिक तैयार हो गए। इसके बाद फोन पे से रुपए डालना था तो मजिस्ट्रेट ने अपना नंबर न देकर महिला सिपाही से उनके रिश्तेदार के फोन पे पर 18000 रुपए डलवाए गए। जबकि 2000 नगद लिया था। इसके बाद बालू लदे ट्रक को छोड़ दिया। 

इस मामले में ट्रक मालिक ने लिखित आवेदन देकर डीएम और एसपी से शिकायत की थी। जिसके बाद डीएसपी मुख्यालय को जांच का जिम्मा सौंपा गया तो जांच में मामला सही पाया गया। जिसके बाद रिश्वत और अवैध वसूली करने के मामले में कुदरा थाने में मजिस्ट्रेट और 2 महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई।

भभुआ डीएसपी मुख्यालय साकेत कुमार ने कहा कि डंगरी चेक पोस्ट पर ट्रक से अवैध वसूली की शिकायत मिली तो जांच करने पर आरोप सही पाया गया। इस मामले में मजिस्ट्रेट और 2 महिला पुलिसकर्मी पर कुदरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। वही ड्यूटी में तैनात 7 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

डीएम ने कहा कि भोजपुर ट्रक एसोसिएशन द्वारा अवैध वसूली की शिकायत की गई थी।  एसपी कैमूर को जांच कराने की शिकायत भेजी गयी थी। एसपी के स्तर से डीएसपी मुख्यालय से जांच करायी गयी है। जिसमें  मजिस्ट्रेट व दो महिला पुलिसकर्मी दोषी पाये गए जिन पर कूदरा थाने में प्राथमिकी दर्ज हुआ है। मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग को भी लिखा जा रहा है।

कैमूर एसपी ललित मोहन शर्मा ने बताया कि अवैध वसूली का मामला जांच में सही पाया गया है। मजिस्ट्रेट और दोनों महिला सिपाहियों के खिलाफ कुदरा थाने में एफआईआर कार्रवाई की गयी है।उस डंगरी चेकपोस्ट पर घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात सभी 7  पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया।
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