रामपुर कैमूर। कैमूर रोहतास की सीमा पर दुर्गावती नदी पर दुर्गावती जलाशय परियोजना निर्माण के दौरान करमचट गांव के लोगों को उजाड़ कर इब्राहिमपुर और अदमापुर गांव में विस्थापित कर बसाया गया है। विस्थापित इब्राहिमपुर और अदमापुर गांव की दर्जनों महिलाओं ने बुधवार को रामपुर अंचल कार्यालय पहुंचकर सीओ से मुलाकात की।
जहां महिलाओं ने सीओ से सरकार द्वारा एक एकड़ आवंटित भूमि का मापी कराकर दखल दिलाने के लिए आवेदन दिया। जबकि
कहा कि 10 सालों में अब तक खेती योग्य 1 एकड़ जमीन दोनों ही गांवों के कई लोगों को नहीं मिल पाया है।
जिसके कारण उन्हें घर परिवार चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेत मिल गया होता तो फसल उपजा कर परिवार का पालन पोषण अच्छे से हो जाता। महिलाओं ने सीओ को विस्थापित जमीन मिलने का लाल कार्ड का कागजात भी दिखाया।
विस्थापित इब्राहिमपुर गांव की महिला संधी देवी,कठेरकी देवी ने बताया की सीओ मैडम से एक एकड़ जमीन नहीं मिलने के बारे में मुलाकात किया तो बोली की आपलोग लेट से आई है। पहले आना चाहिए था। जबकि हमलोगों ने दस से अधिक बार भेंट किया लेकिन फिर भी काम नहीं हुआ। कई बार कार्यालय का चक्कर काट कर थक चुके है। इस गांव के 79 परिवार में 45 लोगों को एक एकड़ जमीन मिला है जबकि 34 लोगों को नहीं मिला है। जिन्हे मिला है उनका मापी भी नहीं हुआ है और ना ही दखल हुआ है।
इब्राहिमपुर गांव की लक्ष्मीना देवी ने बताया कि सीओ से आवंटित खेती वाला जमीन के लिए भेंट किया तो बोली समस्या का हल किया जाएगा। लेकिन आज तक इब्राहिमपुर गांव के एक भी लोगों को एक एकड़ खेती योग्य जमीन नहीं मिला है। डीएम से भी मुलाकात किया गया था लेकिन भी कोई पहल नहीं हो पाया।
इस संबंध में सीओ लवली कुमारी ने बताया कि विस्थापित इब्राहिमपुर के 34 लोगों को भूमि बाकी है। जबकि जो महिलाएं आई थी उनका जमीन का मापी कराना है। कर्मचारी से लिस्टिंग करा मापी करा कर दखल दिलाया जायेगा।
